• २०८३ जेष्ठ ९, शनिबार

पहचान

इक रात खुशहाल सी

एक बरस बीत गया

मैं स्त्री..

उसने कहा

हे कृष्ण

मुझे चाँद चाहिए

वो भी, क्या दिन थे !

लम्हों की किताब