रोको उसे वो जा रहा है मैं भी हूँ पीछे हँसी पल लिए हुए ।
सोने लगीं अब तो टहनियाँ शांत है वातावरण न किसी की चिल्लाहट ।
जख्म भरे हुए न कोई दवा पर पीड़ा बहुत है ।
अशोक बाबू माहौर ग्राम- कदमन का पुरा, तहसील- अंबाह जिला- मुरैना (म.प्र.) भारत