• २०८१ बैशाख ८ शनिवार

मछली रानी

कुंवर वीर सिंह मार्तंड

कुंवर वीर सिंह मार्तंड

मछली रानी मछली रानी
जल में  कैसे रहती हो
इधर उधर हो दौड़ा करती
नहीं जरा भी थकती हो ।

मछली रानी मछली रानी
ठंडक तुम्हें न लगती क्या ?
नहीं कांपती नहीं ठिठुरती
स्वेटर नहीं पहनती क्या ?

मछली रानी मछली रानी
कपड़े नहीं पहनती क्यों ?
बिन कपड़े के सदा घूमती
मम्मी से ना कहती क्यों ?

मछली रानी मछली रानी
जल से बाहर आओ ना
कितना सुंदर देश हमारा
इसे देखकर जाओ ना ।

मछली रानी मछली रानी
जल बिन तुम मर जाती क्यों ?
जब में तुमको हाथ लगाता
तुम इतनी डर जाती क्यों ?

मछली रानी मछली रानी
क्या तुम पढ़ने जाती हो ?
मैडम तुम्हें काम जो देती
उसको तुम कर पाती हो ?

मछली रानी मछली रानी
मेरे घर पर आओ ना ।
मुझको तुम अच्छी लगती हो
दोस्त मेरी बनजाओ ना ।


(कोलकाता, भारत निवासी कुंवर वीर सिंह मार्तंड प्रसिद्ध कवि हैं ।)
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