• २०८३ कार्तिक १८, मंगलवार

स्त्री

डॉ. विभा रंजन (कनक)

डॉ. विभा रंजन (कनक)

स्त्री तुम मोह माया
तुम ममता प्यार
तुम हो दया क्षमा
तुम कोमल दुलार

तुम सरल कुशल
तुम संयमी चरित्र
भद्र, शिष्ट, स्थिर
तुम जननी पवित्र

तुम शक्ति लज्जा
तुम धीरज करुणा
तुम हो सहनशील
तुम शीतल तरुणा

तुम साहस त्याग
तुम राग तुम श्रृगांर
तुम हो प्रेम प्रतीक
तुम ही हो अनुराग

तुम स्वयं र्निर्भया
करो नूतन प्रमाण
किसी को हक नहीं
तुमसे मांगे प्रमाण !


(भारत, दिल्ली निवासी झा चर्चित कवयित्री हैँ ।)
[email protected]