समाचार
क्याइ जान्छै हरिद्वार सयौँ पाप गरिबरे
क्याइ जान्छै मन्दिर रोयाइ खाप गरिबरे
क्याइ जान्छै तिर्थमा घर छल गरिबरे
बुढा इजा बुवान सित रातदिन कल गरिबरे
क्याइ जान्छै गङ्याणि घर रोएइबरे
घरवालिलाई झुटा कसम खोएइबरे
क्याइ जान्छै पुजामा सराप खाइबरे
औरकि काटनि गरन्छै आफु खराब होइबरे
क्याइ गरन्छै व्रत पुजा झुटि बोलिबरे
धेकावटि गरन्छै, कपटको लाइसेन्स खोलिबरे
रात नेतानकि मालिस दिनमा चानन लाइबरे
के साधु बनन्छै दोस्त किरिम पौडर लाइबरे ।
शिवराज कलौनी, शिवनाथ ( २ बैतडी