• २०७९ असोज १७ सोमबार

तन्हाईयां

पूजा ’बहार’

पूजा ’बहार’

मुझको भाने लगी है तन्हाईयां
रास आने लगी है तन्हाईयां
ये तन्हाईया ये तन्हाईया
ये तन्हाईया ये तन्हाईया ।

जबसे तुमसे मिले तन्हा हो गए
ख़ुद को ढूंढा बहुत कहाँ खो गए
धड़कनें और ज़्यादा धड़कने लगी,
खामोशियां शोर करने लगी,
साथ मेरे चले तेरी परछाइयाँ ।

ये तन्हाईयां ये तन्हाईयां
ये तन्हाईयां ये तन्हाईयां

हर गली हर सड़क तेरी ओर जाते हैं
हर दफा ये ज़ुबां तेरा नाम लेते हैं
बढ़ गई बेक़रारी सब तेरे प्यार का शुरूर है,
हर घड़ी तेरा नशा चढ़ गया प्यार का फ़ितूर है,
कानों में बजने लगी है प्यार की शहनाईयां ।

ये तन्हाईया ये तन्हाईयां
ये तन्हाईया ये तन्हाईयां


(हिन्दी एवं भोजपुरी भाषा में लेखन, दुहबी, बिराटनगर)
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